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नींद की कमी दे सकती है गंभीर बीमारियों को न्योता, जानें इसकी वजह

15 October, 2024, 04:51 AM

नींद की कमी दे सकती है गंभीर बीमारियों को न्योता, जानें इसकी वजह

नींद न आना आम समस्या है, जिससे ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं. यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन इसकी वजह से कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं.

Sleep Disorders Diseases: पर्याप्त नींद लेना मेंटल हेल्थ के साथ-साथ फिजिकल हेल्थ के लिए भी जरूरी है. नींद पूरी नहीं होने से दिनभर थकान और तनाव महसूस होने लगता है. आज के दौर में यह समस्या युवाओं में ज्यादा देखने को मिलती है. इसके कई कारण हो सकते हैं. तनाव से लेकर दिनचर्या में बदलाव होने से यह समस्या हो सकती है. अच्छी नींद के लिए मेलाटोनिन जिम्मेदार होता है. मेलाटोनिन एक ऐसा हार्मोन है, जो मस्तिष्क में बनता है और नींद को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह शरीर को सोने और जागने के लिए सिग्नल देता है.  मेलाटोनिन का लेवल रात में बढ़ता है और सुबह कम होता है. यह जल्दी सोने, गहरी नींद लेने और सुबह ताजा महसूस करने में मदद करता है.

मैग्नीशियम एक खनिज है, जो शरीर के कई कार्यों में अहम भूमिका निभाता है, जिसमें नींद भी शामिल है. मैग्नीशियम मेलाटोनिन के उत्पादन को बढ़ाने में मददगार है. यह तनाव को कम करता है, जो बेहतर नींद के लिए जरूरी हैं. नींद की समस्या होने पर कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं. ऐसे में इस समस्या के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है.

नींद पूरी न होने से होने वाली बीमारियां
हार्ट डिजीज
पर्याप्त नींद न लेने से हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. नींद न आने से ब्लड प्रेशर और हृदय गति अधिक बनी रह सकती है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक बढ सकता है.

मोटापा
पर्याप्त नींद नहीं लेने से शरीर हार्मोन जारी करता है, जिससे भूख लगती है और भोजन को स्टोर करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. इससे वजन बढ़ने की संभावना काफी हद तक बढ़ सकती है. इससे कारण मोटापे की समस्या हो सकती है. नींद की कमी इंसुलिन प्रतिरोध को भी जन्म दे सकती है, जो डायबिटीज का कारण बन सकती है.

डिप्रेशन
नींद की कमी अवसाद और चिंता का कारण बन सकती है0 कर सकती है. सोने से मस्तिष्क भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करने वाले केमिकल्स का उत्पादन होता है. पर्याप्त नींद नहीं लेने से इन केमिकल्स का लेवल कम हो सकता है, जिससे डिप्रेशन और चिंता का खतरा बढ़ जाता है.

प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होना
नींद प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी बेहद जरूरी है. सोने से शरीर साइटोकिन्स का उत्पादन करता है, जो प्रोटीन होते हैं. यह संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. पर्याप्त नींद नहीं लेने से साइटोकिन्स का लेवल कम हो सकता है, जिससे बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है. इससे प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है.

इस आदतों को करें फॉलो
वयस्कों के लिए हर रात 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी होता है.
रोजाना एक्सरसाइज करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है.
ध्यान करने से एकाग्रता बनी रहती है.
इन बातों का रखें खास ख्याल
सोने से पहले आराम करें.
बिस्तर पर जाने से पहले कैफीन और शराब से बचें.
एक आरामदायक बिस्तर और तकिया बनाएं.
अपने बेडरूम को अंधेरा, शांत और ठंडा रखें.







Source:

https://www.india.com/hindi-news/health/sleep-disorders-diseases-what-are-the-symptoms-of-sleep-disorders-know-about-the-causes-of-diseases-affecting-sleep-6849122/
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