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23 July, 2024, 05:54 AM
फोन चलाने के हो गए हैं आदी? कहीं आप Popcorn Brain की चपेट में तो नहीं
आज के समय में फोन और लैपटॉप का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है, ऐसे में लोगों में पॉपकॉर्न ब्रेन की परेशानी तेजी से बढ़ रही है. आइए डॉक्टर से इसके बारे में जानते हैं.
आजकल छोटा हो या बड़ा हर किसी की उंगलियां आपको फोन या लैपटॉप पर थिरकती हुई नजर आती है. जिसे देखों उसे फोन की लत लग गई है. सुबह उठते ही सबसे पहले हम अपने फोन को ढूंढ़ने लगते हैं. सोशल मीडिया का भूत हर किसी पर सवार है, लेकिन क्या आपको पता है कि सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल आपके दिमाग पर असर डाल सकता है. दरअसल में हम बात कर रहे हैं ‘पॉपकॉर्न ब्रेन’बीमारी की, जो तेजी से लोगों में फैल रही है.
सोशल मीडिया के चलते हमारा दिमाग भी पॉपकॉर्न की तरह इघर से उधर उछलता रहता है. ये एक जगह टिक कर नहीं रह पाता है. जैसे फोन में अलग-अलग नोटिफिकेशन आते रहते हैं, इसके चलते हमारे दिमाग का अटेंशल स्पैन कम होने लगता है. इस परेशानी में दिमाग एक जगब टिककर नहीं रह पाता है.
क्या है ‘पॉपकॉर्न ब्रेन’-
डॉ. आदित्य गुप्ता (निदेशक न्यूरोसर्जरी और साइबरनाइफ, आर्टेमिस अस्पताल गुरुग्राम) ने बताया कि ‘पॉपकॉर्न ब्रेन’ एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिमाग को अत्यधिक डिजिटल उपकरणों और तेजी से बदलती जानकारी के साथ तालमेल बिठाने की आदत हो जाती है. इसका नाम ‘पॉपकॉर्न ब्रेन’ इसलिए रखा गया है क्योंकि यह दिमाग को पॉपकॉर्न की तरह फटने और बिखरने की अवस्था में डाल देता है, जहां दिमाग एक जानकारी से दूसरी जानकारी पर तेजी से कूदता है.
पॉपकॉर्न ब्रेन के लक्षण-
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई: व्यक्ति किसी एक काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता और बार-बार ध्यान भटकता है
याददाश्त कमजोर होना: छोटी-छोटी चीजों को भूल जाना या हाल ही की बातें याद न रहना.
चिड़चिड़ापन: छोटी-छोटी बातों पर जल्दी चिढ़ जाना और गुस्सा आना.
नींद में परेशानी: रात को अच्छी नींद न आना या सोने में दिक्कत होना.
सामाजिक संपर्क में कमी: लोगों से मिलना-जुलना कम कर देना और अकेले रहना पसंद करना.
आंखों में थकान: लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में दर्द और थकान महसूस होना.
पॉपकॉर्न ब्रेन से कैसे बचाव करें?
डिजिटल डिटॉक्स करें: हर दिन कुछ समय के लिए सभी डिजिटल उपकरणों को बंद कर दें. यह दिमाग को आराम देने का सबसे अच्छा तरीका है.
व्यायाम और योग करें: नियमित व्यायाम और योग करने से दिमाग और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है.
नींद का ध्यान रखें: अच्छी और पर्याप्त नींद लें। सोने से पहले स्क्रीन से दूर रहें ताकि नींद में कोई बाधा न हो.
संतुलित आहार लें: पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें जिससे दिमाग को सही पोषण मिले और उसकी कार्यक्षमता बढ़े.
ध्यान और मेडिटेशन करें: ध्यान और मेडिटेशन करने से दिमाग शांत होता है और फोकस बढ़ता है.
परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं: अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होता है और खुशी महसूस होती है.
हॉबी विकसित करें: कोई ऐसा शौक अपनाएं जिसमें आपको खुशी मिले और जो स्क्रीन से अलग हो, जैसे कि किताब पढ़ना, पेंटिंग करना, गार्डनिंग करना आदि.
‘पॉपकॉर्न ब्रेन’ आज के डिजिटल युग की एक आम समस्या बन गई है, लेकिन सही तरीके से जीवनशैली में बदलाव करके इससे बचा जा सकता है. डिजिटल उपकरणों का संतुलित उपयोग, स्वस्थ आदतें, और मानसिक शांति के लिए ध्यान और मेडिटेशन को अपनाकर हम अपने दिमाग को स्वस्थ रख सकते हैं.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/habit-of-checking-your-phone-every-minute-know-what-is-popcorn-brain-how-it-is-impacting-your-mental-health-symptoms-of-popcorn-brain-and-its-preventions-7106291/




