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क्या है चांदीपुरा वेसिकुलोवायरस? जिसने ली 5 दिनों में 6 बच्चों की जान, फ्लू जैसे दिखते हैं इसके लक्षण

17 July, 2024, 03:58 PM

क्या है चांदीपुरा वेसिकुलोवायरस? जिसने ली 5 दिनों में 6 बच्चों की जान, फ्लू जैसे दिखते हैं इसके लक्षण

इन दिनों गुजरात चांदीपुरा वेसिकुलो वायरस की चपेट में है अब तक यहां 6 बच्चों की जान जा चुकी है, ऐसे में इसे लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.

Chandipura Virus Outbreak: इन दिनों गुजरात चंडीपुरा वायरस की मार झेल रहा है. बीते पांच दिनों में 6 बच्चों ने अपनी जान गंवाई है जो चिंता का विषय बन गया है. ये एन्सेफलाइटिस का कारण बनता है. राज्यभर में अब तक कुल 12 बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं. आपको बता दें कि ये वायरस सीधे दिमाग को प्रभावित करता है, जिससे ये खतरनाक साबित हो सकता है. ये वायरस 9 महीने से लेकर 14 साल तक के बच्चों को अपना शिकार बना रहा है. ऐसे में इसके प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं इस वायरस के लक्षण और कारण.

चांदीपुरा वेसिकुलोवायरस क्या है?

चंडीपुरा वेसिकुलोवायरस, जिसे अक्सर चंडीपुरा वायरस (सीएचपीवी) कहा जाता है. ये रबडोविरिडे परिवार का सदस्य है. 1965 में पहली बार महाराष्ट्र के चांदीपुरा जिले में इसकी पहचान हुई थी. ये वायरस इंसेफेलाइटिस का कारण बनता है, जो सक्रिय मस्तिष्क ऊतकों की सूजन है. इसके चलते बच्चों की मौत हो जाती है.

चंडीपुरा वेसिकुलोवायरस के कारण

चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाइज के काटने से मनुष्य में फैलता है. ये वायरस मक्खियों, मच्छरों, कीट-पतंगों के माध्यम से फैलता है. संक्रमण तब फैलता है जब ये सैंडफ्लाइज मनुष्यों को काटती हैं, जिससे वायरस उनके ब्लड फ्लो में प्रवेश कर जाता है. इसके फैलने के अन्य संभावित माध्यम हो सकते हैं हालांकि ये कम हैं, उनमें संक्रमित व्यक्ति या जानवर के शारीरिक तरल पदार्थ के साथ संपर्क में आना शामिल है.

चंडीपुरा वेसिकुलोवायरस के लक्षण-

-तेज बुखार
-सिरदर्द
-उल्टी
-दौरे पड़ना
-भ्रम, भटकाव और व्यवहार में परिवर्तन
-कोमा
-दस्त आना

चंडीपुरा वेसिकुलोवायरस का उपचार

फिल्हाल चांदीपुरा वायरस संक्रमण से लड़ने का कोई स्पेसिफिक एंटीवायरल उपचार मौजूद नहीं है. रोग को लक्षण के अनुसार और सपोर्टिव केयर के साथ किया जाता है. उपचार के विकल्पों में शामिल हैं:

– अगर आपको तबीयत ज्यादा गंभीर लग रही है तो डॉक्टर को दिखाएं, ऐसे में वो आपको अस्पताल में भर्ती कर सकता है.
-उल्टी और बुखार के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, ऐसे में तरल चीजें लेते रहें
– बुखार को कम करने के लिए डॉक्टर दवा देते हैं
-डॉक्टर दौरे को नियंत्रित करने वाली दवाएं दे सकते हैं

चंडीपुरा वेसिकुलोवायरस से कैसे बचें-

इस वायरस की रोकथाम के लिए सबसे जरूरी है सैंडफ्लाई आबादी को नियंत्रित करना साथ ही साथ व्यक्तियों को इससे काटने से बचाना. नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर आप भी इससे बच सकते हैं-
– रेत मक्खियों को दूर रखने के लिए खुली त्वचा पर इनसेट रेपेलेंट का प्रयोग करें
– लंबी बाजू वाली शर्ट और लंबी पैंट पहनें विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां सैंडफ्लाइज होती हैं
-रात के दौरान सैंडफ्लाइज से बचने के लिए मच्छदानी लगाएं
-रुके हुए पानी को बाहर निकालें

चंडीपुरा वेसिकुलोवायरस एक गंभीर वायरल संक्रमण है जो विशेष रूप से बच्चों में तीव्र एन्सेफलाइटिस का कारण बन सकता है. हालांकि वायरस के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, प्रारंभिक चिकित्सा हस्तक्षेप और सहायक देखभाल से परिणामों में काफी सुधार हो सकता है. व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों और पर्यावरण नियंत्रण के माध्यम से रोकथाम इस बीमारी से निपटने के लिए सबसे प्रभावी रणनीति है.













Source:

https://www.india.com/hindi-news/health/chandipura-virus-outbreak-in-gujarat-what-is-chandipura-vesiculovirus-know-causes-symptoms-treatment-and-prevention-of-this-viral-disease-7089248/
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