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17 July, 2024, 03:56 PM
अब बिगड़े चेहरे को मिलेगी नई पहचान, AIIMS जल्द शुरू करेगा फेस ट्रांसप्लांट, जानिए कौन ले सकता लाभ
कई बार किसी हादसे के चलते या एसिड के चलते चेहरा जल जाता है, ऐसे में अब aiims जल्द फेस ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने जा रहा है.
चेहरा हर किसी की पहचान होता है, चेहरे पर जरा सा कुछ हो जाए तो टेंशन हो जाती है. कई बार एक्सीडेंट या किसी हादसे के चलते चेहरा खराब हो जाता है. ऐसे में चिंताएं बढ़ जाती हैं, लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि जल्द ही एम्स फेशियल ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने जा रहा है. इसके लिए लाइसेंस का प्रोसेस भी शुरू किया जा चुका है. हालांकि इसमें थोड़ा टाइम लग सकता है. इसे लेकर अभी ट्रेनिंग चल रही है.
हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एम्स के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के एचओडी डॉक्टर मनीष सिंघल ने बताया कि अभी तक हम सभी प्रकार की प्लास्टिक सर्जरी कर रहे हैं फिर वो चाहे हेयर ट्रांसप्लांट हो या पीआअपी. अब जल्दी ही हम फेशियल ट्रांसप्लांट की फील्ड में उतरने जा रहे हैं. डॉक्टर्स ने बताया कि इसके लिए जो एक्सपर्टीज हमें चाहिए वो हमारे पास हैं. इसके साथ ही सारी तकनीक भी हमारे पास हैं. हालांकि कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए हर कोई योग्य नहीं होता है, इस सर्जरी से पहले मरीज की कई तरह की जाचें होती हैं. इस दौरान पता चलता है कि मरीज इस योग्य है या नहीं.
कैडेवर की पड़ती है जरूरत-
हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया कि हमारा फेस त्वचा, फैट, मांसपेशियों और हड्डी व नर्व से बना होता है. ऐसे में किसी हादसे के चलते चेहरा खराब होने पर आंखों के नीचे के हिस्से को बदल दिया जाता है. हालांकि इसके लिए कैडेवर की जरूरत पड़ती है. विदेशों में ये सर्जरी उपलब्ध है, लेकिन भारत देश में अभी तक ये सर्जरी नहीं हो रही है. अगर एम्स में ये सुविधा शुरू होती है तो ये देश का पहला अस्पताल होगा.
कैसे होती है फेशियल ट्रांसप्लांट सर्जरी-
जब किसी व्यक्ति का चेहरा किसी हादसे के चलते जल जाता है या एसिड से बर्न हो जाता है तो पूरा चेहरा खराब हो जाता है, ऐसे में फेशियल ट्रांसप्लांट सर्जरी की जरूरत पड़ती है. फेशियल ट्रांसप्लांट सर्जरी में व्यक्ति को नया चेहरा दिया जाता है. इस दौरान मेडिकली ब्रेन डेड मरीज अपने फेस को डोनेट कर सकता है. हालांकि इसके लिए मरीज के परिवार की अनुमति जरूरी है. सर्जरी के दौरान मरीज का पूरा फेस या सिर्फ प्रभावित हिस्सा भी बदला जा सकता है. इस प्रोसेस में 15 से 18 घंटे लग सकते हैं. इस सर्जरी में चेहरे से लेकर जबड़े तक को बदला जा सकता है.
कौन करा सकता है फेशियल ट्रांसप्लांट-
-जिनकी उम्र 18 से 60 के बीच हो
-ध्यान रहे महिला प्रेगनेंट न हो साथ ही साथ वो गर्भधारण को कम से कम एक साल के लिए टालने को तैयार हो
-कोई खतरनाक संक्रमण से पीड़ित न हो
-एचआईवी या हेपेटाइटिस जौसी परेशानी न हो
-स्मोकिंग न करते हों
-दिल से जुड़ी कोई बीमारी न हो
-कैंसर की हिस्ट्री न रही हो
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/delhi-aiims-will-start-facial-transplant-will-give-new-look-to-your-face-know-all-about-it-7089427/




