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21 June, 2024, 07:32 AM
International Yoga Day 2024: डायबिटीज मरीज रूटीन में इन 5 योगासनों को शामिल कर रह सकते हैं स्वस्थ
डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है जिसमें मरीज के ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बहुत हाई रहता है। टाइप 1 डायबिटीज जहां आनुवांशिक होती है तो वहीं टाइप 2 डायबिटीज की वजह खराब लाइफस्टाइल है। हालांकि टाइप- 2 डायबिटीज को खानपान और लाइफस्टाइल में जरूरी बदलावों के जरिए आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ योगासन भी डायबिटीज बीमारी में बेहद फायदेमंद होते हैं।
टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए योग है बेहद फायदेमंद।
योग और खानपान में जरूरी बदलाव से ब्लड शुगर रहता है कंट्रोल।
शुगर के मरीज मंडूकासन, पश्चिमोत्तानासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन का करें अभ्यास।
डायबिटीज की बीमारी में व्यक्ति के शरीर में इंसुलिन का उत्पादन या तो कम होता है या पूरी तरह से बंद हो जाता है। नतीजा, ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने लगता है, जिससे शरीर कई तरह के रोगों का शिकार होने लगता है।
डायबिटीज के प्रकार
डायबिटीज दो प्रकार का होता है- टाइप 1 और टाइप 2
टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण जल्द पता नहीं चलते, लेकिन टाइप 1 डायबिटीज के लक्षणों को आसानी से नोटिस किया जा सकता है और ये बढ़ते वक्त के साथ और गंभीर होते जाते हैं। टाइप 1 डायबिटीज में मरीज को तुरंत इलाज की जरुरत होती है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज को लाइफस्टाइल और डाइट की मदद से काफी हद तक कंट्रोल में रखा जा सकता है। मोटापा दूर करने वाले ज्यादातर आसनों को डायबिटीज में भी किया जा सकता है। आइए जानते हैं इन आसनों के बारे में साथ ही डाइट से जुड़ी कुछ जरूरी बातें।
डायबिटीज के मरीज ऐसे करें हेल्दी लाइफस्टाइल की शुरुआत
डाइट में करें ये जरूरी बदलाव
खानपान में करी पत्ते का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल बढ़ा दें। इसे कच्चा चबाकर भी खाना फायदेमंद होता है।
डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ भिंडी, ब्रोकली, गोभी, भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स, सीजनल फ्रूट्स खासतौर से जामुन, संतरा शामिल करें।
नींबू पानी पिएं।
भोजन में साबुत अनाज की मात्रा बढ़ाएं। क्योंकि इनमें अच्छी-खासी मात्रा में फाइबर मौजूद होता है।
बहुत देर तक भूखे न रहें और वक्त-बेवक्त न खाएं।
बार-बार लगने वाली भूख को शांत करने के लिए मखाने या भुने चने जैसे हेल्दी ऑप्शन्स चुनें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
नमक और चीनी का कम से कम सेवन करें।
डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद आसन
अर्ध मत्स्येन्द्रासन
अर्ध मत्स्येन्द्रासन पाचन से जुड़ी दिक्कतें दूर करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मददगार होता है। पैनक्रियाज को एक्टिव करता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है।
सुप्त मत्स्येन्द्रासन
सुप्त मत्स्येन्द्रासन पाचन अंगों में ब्लड के सर्कुलेशन में सुधार करता है, साथ ही ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है। इसके अलावा इस आसन को करने से पीठ और कूल्हे के दर्द में भी आराम मिलता है।
पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमत्तानासन करने से इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मदद मिलती है। पाचन में सुधार होता है, बॉडी की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है।
विपरीतकरणी
विपरीतकरणी आसन पैनक्रियाज को एक्टिव करता है और ब्लड के सर्कुलेशन में सुधार करता है। यह आसन डायबिटीज के साथ हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है।
मंडूकासन
मंडूकासन शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ाता है। यह आसन पैनक्रियाज को एक्टिव करता है। ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है साथ ही हार्ट को भी हेल्दी रखता है।
जरूरी टिप
सुबह 30 से 45 मिनट की ब्रिस्क वॉक का टारगेट रखें। शाम को 30 मिनट की वॉक और रात को खाना खाने के बाद कम से कम 15 मिनट जरूर टहलें।
Source:
https://www.jagran.com/lifestyle/health-international-yoga-day-2024-yog-asanas-that-will-help-you-manage-diabetes-23742859.html




