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19 June, 2024, 06:43 AM
World Sickle Cell Day 2024: क्या है सिकल सेल बीमारी, जानें इसके लक्षण, बचाव और उपचार के तरीके
दुनियाभर में हर साल 19 जून को वर्ल्ड सिकल सेल डे (World Sickle Cell Day 2024) मनाया जाता है। बता दें यह रेड ब्लड सेल डिसऑर्डर से जुड़ी एक बीमारी है जो खून में मौजूद हीमोग्लोबिन को बुरी तरह प्रभावित करती है। ऐसे में बॉडी में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है और सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।
हर साल 19 जून का दिन 'वर्ल्ड सिकल सेल अवेयरनेस डे' के रूप में मनाया जाता है।
इस बीमारी में लाल रक्त कोशिकाओं का आकार बिगड़ जाता है।
समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर भी हो सकती है।
19 जून को हर साल विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस मनाया जाता है। यह एक जेनेटिक ब्लड डिसऑर्डर होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) को प्रभावित करता है। ऐसे में, आरबीसी की कमी देखने को मिलती है, जिससे शरीर के अंगों को ठीक तरह से ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। समय रहते इलाज न कराने पर यह घातक भी हो सकती है। चलिए जानते हैं इसके लक्षण, बचाव और उपचार के कुछ तरीके।
क्या है सिकल सेल बीमारी?
रेड ब्लड सेल को प्रभावित करने वाली यह बीमारी जेनेटिक कारणों से ही देखने को मिलती है। इसमें रेड ब्लड सेल्स की शेप बिगड़ जाती है और शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन भी नहीं मिल पाता है, क्योंकि हीमोग्लोबिन में असामान्य (एचबी) चेन बन जाती है। इसके चलते वजह से सिकल सेल एनीमिया, सिकल सेल थैलेसीमिया जैसी कई बीमारियां आपको अपनी चपेट में ले लेती हैं। इसलिए जरूरी है कि वक्त रहते ही इसका इलाज करा लिया जाए।
सिकल सेल बीमारी के लक्षण
हड्डियों-मांसपेशियों का दर्द
हाथ-पैरों में सूजन
थकान और कमजोरी
एनीमिया के कारण पीलापन
किडनी की समस्याएं
बच्चों के विकास में बाधा
आंखों से जुड़ी दिक्कतें
इन्फेक्शन की चपेट में आना
कैसे कर सकते हैं बचाव?
सिकल सेल डिजीज से बचाव के लिए, सबसे पहले इसके कारणों को समझना बेहद जरूरी है। ज्यादातर केस में यह बीमारी अनुवांशिक कारणों के चलते होती है। यानी अगर माता-पिता या दोनों में से कोई एक भी इसकी चपेट में है, तो बहुत हद तक बच्चे में भी इसके ट्रांसफर होने का रिस्क रहता है। इस बीमारी के जीन के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होने की बड़ी आशंका रहती है। इसलिए बचाव के लिए जरूरी यह है कि शादी से पहले आप अनुवांशिक परामर्श जरूर लें। इसके अलावा इस बीमारी के लक्षणों को भूलकर भी अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या मुमकिन है इस बीमारी का इलाज?
सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित लोगों को आमतौर पर डॉक्टर ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सलाह देते हैं। जब शरीर के हर हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है, तो इससे होने वाले भयंकर दर्द को दूर करने के लिए हाइड्रोक्सी यूरिया का सहारा लिया जाता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले वक्त में जल्द ही जीन थेरेपी से इस डिजीज का ट्रीटमेंट करने में काफी मदद मिल सकेगी, जिससे गंभीर लक्षण वाले मरीजों को काफी फायदा मिल सकेगा।
Source:
https://www.jagran.com/lifestyle/health-world-sickle-cell-day-2024-what-is-sickle-cell-disease-know-the-symptoms-prevention-and-treatment-in-hindi-23741885.html




