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बुजुर्गों में क्यों होता कैंसर होने का अधिक खतरा? डॉक्टर से जानें

4 April, 2024, 04:58 PM

बुजुर्गों में क्यों होता कैंसर होने का अधिक खतरा? डॉक्टर से जानें

कैंसर किसी भी उम्र के इंसान को हो सकता है बच्चा हो या बूढ़ा, लेकिन आमतौर पर जैसे उम्र बढ़ती है कैंसर होने का खतरा उतना बढ़ने लगता है
कैंसर एक खतरनाक बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही हर कोई परेशान हो जाता. हर साल कई लोग कैंसर के चलते अपनी जान गवां देते हैं. ये ऐसी परेशानी है जो किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है. हालांकि आंकड़ों की बात करें तो ये परेशानी 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में द्याजा देखने को मिलती है. ऐसे में दिमाग में ये आता है कि बुजुर्गों में कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है क्या आइए इस सवाल का जवाब डॉ. आरके चौधरी, निदेशक एवं प्रमुख मेडिकल ऑन्कोलॉजी, मेट्रो हॉस्पिटल नोएडा से जानते हैं.

डॉ. आरके चौधरी ने बताया कि कैंसर किसी भी उम्र के इंसान को हो सकता है बच्चा हो या बूढ़ा, लेकिन आमतौर पर जैसे उम्र बढ़ती है कैंसर का खतरा बढ़ने लगता है. दरअसल में जैसे जैसे उम्र बढ़ती है कोशिकाएं भी बूढ़ी होने लगती हैं. कोशिकाएं बटती हैं, जिसमें कभी कभी गलती हो जाती है, जिसे म्यूटेशन’ कहते हैं. जब उम्र कम होती है तो हमारा शरीर गलतियों को समय पर सही कर लेता है, लेकिन बड़ों में कैंसर खतरा पनपने लगता है. उम्र के साथ साथ हमारे मॉलिक्यूलर लेवल में जो वियर एंड टियर mechanisms होते हैं वो थोड़े कमजोर पड़ जाते हैं, जो ढंग से रिपेयर नहीं हो पाते हैं उस वजह से कैंसर के रिस्क बढ़ जाते हैं. वहीं बूढ़े होने पर शरीर की सेल्स डैमेज होने लगती हैं और जम जाती हैं और थक्के बन जाती हैं. ऐसे में ये ट्यूमर बन जाते हैं जो बाद में कैंसर में बदल सकते हैं.

कैंसर होने के अन्य कारण-
वहीं दूसरा कारण जो एक्सटर्नल फैक्टर्स होते हैं जैसे की तम्बाकू का सेवन है या स्मोकिंग है या शराब है या कोई भी ऐसा एक्सटर्नल रिस्क फैक्टर उम्र के साथ साथ कैंसर के खतरे को बढ़ देता है.

जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती है, बूढ़े लोग उतना घूम-फिर नहीं पाते हैं, जिससे वे अधिक समय तक बैठे रह सकते हैं या पर्याप्त रूप से नहीं चल पाते हैं. यदि ऐसा होता है, तो यह अधिक समस्याएं पैदा कर सकता है और उन्हें ऐसे काम करने के लिए मजबूर कर सकता है जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.

गलत खानपान-
बढ़ती उम्र के साथ खान-पान की आदतें बदल सकती हैं. कभी-कभी, वृद्ध लोगों को खाने के लिए सर्वोत्तम भोजन के बारे में पता नहीं होता है या वे बहुत अधिक दही खाते हैं. यदि उन्हें आवश्यक सभी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, तो वे कैंसर जैसे बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं.

धूम्रपान –

धूम्रपान और बहुत अधिक शराब पीने से वृद्ध लोगों को कैंसर होने की संभावना अधिक हो सकती है. यह हर किसी के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है और मुंह, गले और पेट के कैंसर जैसे कैंसर होने की संभावना बढ़ा सकता है.

कमजोर इम्यूनिटी-

बूढ़े होने के साथ ही हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है. ऐसे में ये कोशिकाओं के मरम्मत में कमजोर कर देता है, साथ ही इम्यून सिस्टम को भी कमजोर बना देता है. जब हम युवा होते हैं तो शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे लड़ने की शक्ति कम हो जाती है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियां आसानी से हमला कर सकती हैं. इसका मतलब यह है कि वृद्ध लोगों को स्वस्थ और खुश रहने के लिए स्वस्थ भोजन खाने, अक्सर व्यायाम करने और नियमित रूप से डॉक्टर से मिलने की कोशिश करनी चाहिए.








Source:

https://www.india.com/hindi-news/health/age-factor-in-cancer-risk-why-the-elderly-are-more-prone-to-cancer-know-from-doctor-6835092/
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