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दवाओं का 'कारखाना' है यह पेड़, जड़ से लेकर छाल तक औषधि, पाइल्स समेत दर्जनभर रोगों में कारगर

3 April, 2024, 05:12 PM

दवाओं का 'कारखाना' है यह पेड़, जड़ से लेकर छाल तक औषधि, पाइल्स समेत दर्जनभर रोगों में कारगर

आयुर्वेद में पेड़-पौधों का बड़ा महत्व होता है. इस धरती पर कई ऐसे पेड़-पौधे हैं, जो बड़े औषधीय महत्व के हैं. ऐसा ही एक पेड़ है गूलर का. इस पेड़ में गजब के औषधीय गुण होते हैं. इसकी जड़, फल, छाल और तना समेत हर भाग काफी उपयोगी होता है. यह हमारे शरीर के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है.

आयुर्वेद के अनुसार गूलर के पेड़ का बड़ा महत्व है. इसका काढ़ा, फल, दूध, चूर्ण और कल्प के रूप में उपयोग बताया गया है, जो मानव जीवन के लिए बेहद लाभकारी और गुणकारी है. आइए जानते हैं कि इसके सही प्रयोग को लेकर एक्सपर्ट क्या कहना है-

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि आयुर्वेद के अनुसार गूलर का हर अंग उपयोगी है. इस पेड़ की पत्तियों, छाल, जड़ और तने आदि का प्रयोग एक नहीं, बल्कि अनेक बीमारियों के इलाज में किया जाता है.

डॉ. प्रियंका सिंह ने आगे बताया कि खूनी बवासीर में इसके दूध को रूई में भिगोकर लगाने से रक्तस्राव रुक जाता है, वहीं इसकी छाल को उबालकर पीने से भी पाइल्स में बहुत राहत मिलती है. यदि किसी को मासिक धर्म में बहुत ज्यादा खून आ रहा हो, नाक से खून आ रहा हो या फिर शरीर के किसी अन्य भाग से खून आने की समस्या हो, तो इसका काढ़ा बनाकर सेवन कर सकते हैं. यह बहुत लाभकारी होता है. अगर किसी के मुंह में बार-बार छाले आ रहे हों, तो इसकी छाल को उबालकर कुल्ला करने से काफी फायदा होता है. किसी को दस्त हो रहे हैं, तो 8 से 10 बूंद गूलर के दूध को बताशे में डालकर सेवन करने से यह समस्या दूर हो जाती है.

काढ़े से धोएं घाव, जल्द भर जाएगा
मूत्र विकार से परेशान लोगों को इसके दो फल प्रतिदिन खाने चाहिए. शुगर के मरीज इसके फल को सुखा लें और अंदर के बीज निकालकर चूर्ण बना लें. इस चूर्ण से उन्हें बेहद लाभ मिलेगा. ल्यूकोरिया की बामारी में इसके 5 से 10 ग्राम चूर्ण को मिश्री के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है. अगर घाव नहीं सूख रहा है, तो इसके फल का लेप लगाएं और घाव को इसके काढ़े से धोएं, इससे वह जल्द भर जाएगा. अगर किसी को बहुत कमजोरी है, तो इसके कच्चे फल का चूर्ण बनाकर सेवन करे.


ये सावधानी भी बेहद जरूरी
इसका बहुत ज्यादा मात्रा में प्रयोग करने से ज्वर या पेट में कीड़े की समस्या हो सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही इसका प्रयोग करें, क्योंकि एक आयुर्वेदिक चिकित्सक ही उम्र और बीमारी के हिसाब से इसकी सही मात्रा निर्धारित कर सकता है.

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Source:

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-sycamore-tree-tree-fruit-bark-are-all-medicines-from-piles-to-dozens-of-diseases-know-benefits-8206105.html
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