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3 April, 2024, 05:08 PM
हर समय आंखों में भरी रहती है नींद? हो सकते हैं ये गंभीर कारण
अक्सर ऐसा होता है कि पर्याप्त नींद लेने के बावजूद भी हमारी आंखों में नींद भरी रहती है, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में.
आज के समय में अधिकतर लोग स्क्रीन पर घंटों बिताते हैं, जिसके चलते उन्हें आंखों से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं. इसके चलते भारी पलकें एक आम समस्या है और यह आमतौर पर थकावट, अपर्याप्त नींद या अत्यधिक कंप्यूटर स्क्रीन समय के कारण ऐसा होता है. हालांकि झुकी हुई, भारी पलकें कुछ मेडिकल समस्याओं, एलर्जी और आंखों के संक्रमण के कारण भी हो सकती हैं.
काम पर एक लंबे दिन के बाद, हम आम तौर पर महसूस करते हैं कि हमारी पलकें भारी हो रही हैं जैसे कि कोई चीज़ उन्हें नीचे खींच रही हो. यह दिनभर काम करने के चलते या ऑफिस में कंप्यूटर स्क्रीन पर घंटों बिताने के चलते हो सकता है. आंखों पलकें त्वचा और मांसपेशियों की पतली परतों से बनी होती हैं जो धूल, मलबे और तेज रोशनी जैसे बाहरी तत्वों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
sleepy eyes के पीछे हो सकते हैं ये कारण-
मांसपेशियों में थकान: कम सोना या लंबे समय तक जागते रहने के बाद, आंखों के आसपास की मांसपेशियां थक जाती हैं और कमजोर हो जाती हैं, जिससे पलकों की टोन और दृढ़ता में कमी आ सकती है, जिससे वे झुक सकती हैं या लटक सकती हैं.
ब्लड फ्लो में कमी : नसों में रक्त एकत्रित हो जाता है और ठहराव के कारण आंखें भारी होने लगती हैं, आंखों के नीचे आई बैग दिखाई देने लगते हैं साथ ही डार्क सर्कल की समस्या होने लगती है.
तनाव : लंबे समय तक स्क्रीन पर समय बिताने या घंटों स्क्रीन पर आंखें गड़ाने से फोकस जैसे कि कंप्यूटर पर काम करना या लंबे समय तक पढ़ना हमारी आंखों के आसपास की मांसपेशियों पर दबाव डाल सकता है जिससे थकान और सुस्ती की समस्या हो सकती है.
फेशियल एक्सप्रेशन: पलकों में होने वाले शारीरिक बदलावों के अलावा, नींद भरी आंखें हमारे चेहरे के भावों और हमारे स्वरूप को भी प्रभावित कर सकती हैं. जब हम थके हुए होते हैं, तो हमारे चेहरे की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं.
उम्र बढ़ने के कारण-
sleepy eyes उम्र बढ़ने के बदलावों के परिणामस्वरूप भी हो सकता है. साथ ही ये सूर्य के लंबे समय तक संपर्क में रहने और गैजेट्स पर ज्यादा समय बिताने के चलते भी हो सकता है.
sleepy eyes से कैसे बचें-
आंखों के आसपास मालिश : मालिश तनाव को दूर करने में आपकी मदद कर सकती है और आपको तुरंत बेहतर महसूस करा सकती है.
पर्याप्त नींद लें: नींद भरी आंखों की समस्या से निपटने का सबसे अच्छा उपाय है पर्याप्त नींद लें. हमारे शरीर और आंखों को आराम देने और पूरी तरह से तरोताजा होने के लिए कम से कम 7-9 घंटे की नींद लेनी चाहिए.
अपने आप को हाइड्रेटेड रखें: अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए दिन भर में बहुत सारा पानी पिएं क्योंकि डिहाइड्रेशन आंखों में थकान और भारीपन की समस्या को बढ़ा सकता है.
स्क्रीन से ब्रेक लें: sleepy eyes से छुटकारा पाने के लिए नियमित ब्रेक लेना चाहिए. इसके लिए आप 20-20 रूल का सहारा ले सकते हैं. इस दौरान हर 20 मिनट में स्क्रीन से ब्रेक लें और अपनी आंखों को आराम देने के लिए कम से कम 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज़ को देखें.
ठंडी पट्टी : सूजन को कम करने और थकी हुई आंखों को आराम देने के लिए कुछ मिनट के लिए आंखों पर ठंडी पट्टी या खीरे के ठंडे टुकड़े रखें. ठंडा तापमान रक्त वाहिकाओं को संकुचित करने और सूजन को कम करने में मदद करता है.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/what-causes-sleepy-eyes-know-the-reason-of-droopy-eyelids-6831989/




