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30 March, 2024, 12:58 PM
पैरों में रहने वाली सूजन दे सकती है Kidney Disease का संकेत, जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
किडनी की बीमारी एक ऐसी जानलेवा बीमारी है, जिसका समय रहते इलाज न कराने से यह मौत का कारण भी बन सकती है.
शरीर में ऐसे कई लक्षण दिखाई देते हैं, जो बीमीरियों के होने की संभावना बढ़ा देते हैं. बदलते लाइफस्टाइल और खराब खानपान हार्ट डिजीज से लेकर किडनी डिजीज के खतरे को काफी हद तक बढ़ा रहे हैं. शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन होना आम समस्या है, लेकिन यह सूजन कई गंभीर बीमीरियों को न्यौता दे सकती है.
पैरों में सूजन कई कारणों से हो सकती है, जिनमें से एक है किडनी की बीमारी. पैरों और टखनों में लगातार सूजन रहना काफी नुकासानदायक हो सकता है. जब किडनी ठीक से काम नहीं करती हैं, तो शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे पैरों में सूजन आ जाती है. यह सूजन आमतौर पर टखनों और टांगों में होती है, लेकिन यह कभी-कभी जांघों और पेट में भी हो सकती है.
पैरों में सूजन के लक्षण
पेशाब कम आना, पेशाब में खून आना या झाग आना
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
फेफड़ों में पानी जमा होने के कारण
भूख कम लगना और वजन कम होना
उल्टी और मितली महसूस करना
हाथ-पैरों में सुन्नता या झुनझुनी महसूस करना
पैरों में सूजन होने पर जांच
यूरिन एल्ब्यूमिन क्रिएटिनिन रेशियो (यूएसीआर) टेस्ट
यह टेस्ट पेशाब में एल्ब्यूमिन (प्रोटीन) की मात्रा को मापता है. यदि पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा ज्यादा है, तो यह किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है.
क्रिएटिनिन टेस्ट
यह टेस्ट रक्त में क्रिएटिनिन (रसायन) की मात्रा को मापता है. अगर खून में क्रिएटिनिन की मात्रा ज्यादा है, तो यह किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है.
किडनी की बीमारी का इलाज
किडनी की बीमारी का इलाज बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है. इसके शुरूआती चरण में हेल्दी खाना और लाइफस्टाइल में बदलाव करके काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसके अलावा डॉक्टर की देखरेख में दी गई दवाओं का सेवन करने से भी इस बीमारी से राहत पा सकते हैं. लेकिन गंभीर स्थिति में डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत हो सकती है.
पैरों में सूजन को कम करने के उपाय
बैठते या लेटते समय पैरों को सीधा रखें. पैरों को हार्ट के लेवल से ऊंचा रखने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.
नमक शरीर में पानी जमा होने का कारण बनता है. ऐसे में नमक का सेवन कम करें.
मोटापे की स्थिति में किडनी पर अतिरिक्त दबाव डलता है, जिसकी वजह यह समस्या बढ़ सकती है. ऐसे में बढ़ते वजन को कम करना फायदेमंद होगा.
रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर बनता है, जिससे सूजन कम करने में मदद मिलती है.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/swelling-feet-could-be-a-warning-sign-of-kidney-disease-pairo-me-sujan-ka-karan-in-hindi-6821812/




