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29 March, 2024, 01:45 PM
दूर की नजर कमजोर होना दे सकता है इस खतरनाक बीमारी का संकेत, समय रहते हो जाएं सतर्क
बढ़ती उम्र के साथ दूर की नजर कमजोर होना एक आम समस्या है, लेकिन इसके कारण कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं.
बदलती लाइफस्टाइल और खराब खानपान के कारण लोग कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. इसका सबसे ज्यादा गंभीर प्रभाव आंखों पर पड़ता है, जिसकी वजह से आंखे कमजोर होने लगती है. बढ़ती उम्र के साथ दूर की नजर कमजोर होना एक आम समस्या है, जिससे हर दूसरा व्यक्ति परेशान है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक दुनियाभर में आंख से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. बच्चे से लेकर बड़ों में दूर की नजर कमजोर होने की समस्या काफी देखने को मिलती है.
मायोपिया आंखों की एक ऐसी बीमारी है, जिसकी वजह से दूर की नजर कमजोर हो जाती है. दुनियाभर में मायोपिया से जुड़े मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. इसका समय रहते इलाज न कराने से मोतियाबिंद होने की संभावना काफी हद तक बढ़ सकती है. इससे कारण स्थिर अंधापन होने का खतरा भी बढ़ सकता है. यह बीमारी बड़ों की अपेक्षा बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है. हालांकि 20 साल की उम्र तक यह समस्या होती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत में हर साल मायोपिया बीमारी के मामले की दर बढ़ती ही जा रही है. ऐसे में इस बीमारी के लक्षण और बचाव के बारे में जानकारी होना जरूरी है.
मायोपिया का लक्षण
दूर की चीजों को देखने में परेशानी होना इस बीमारी का आम लक्षण है. इसके अलावा बार-बार पलके झपकाना या पलकों का सिकुड़ना, आंखों में दर्द या जलन होना भी इस बीमारी का संकेत दे सकता है. इसका समय रहते इलाज न कराने से यह गंभीर समस्या का कारण बन सकती है.
मोतियाबिंद का खतरा
दुनियाभर में मोतियाबिंद का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. बच्चों में मायोपिया का इलाज 6 साल से कम उम्र में होना बहुत जरूरी है, वरना यह बच्चों के लिए कई परेशानियां पैदा कर सकता है. मायोपिया की वजह से मोतियाबिंद होने का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है. इसके अलाव रेटिना डिचमेंट के कारण भी मोतियाबिंद होने की संभावना रहती है. इसकी वजह से आंख का लेंस प्रकाश को रेटिना पर ठीक से केंद्रित नहीं कर पाता है, जिसके कारण धुंधला दिखाई देने लगता है. साथ ही आंख में दबाव भी पैदा कर सकता है, जिसके कारण मोतियाबिंद का खतरा बढ़ जाता है.
मोतियाबिंद के लक्षण
धुंधली दृष्टि
रंगों को फीका देखना
चकाचौंध
दोहरी दृष्टि
पढ़ने में कठिनाई
इलाज
मायोपिया के कारण होने वाले मोतियाबिंद का इलाज आमतौर पर सर्जरी द्वारा किया जाता है. सर्जरी में आंख के प्राकृतिक लेंस को हटा दिया जाता है और उसकी जगह एक कृत्रिम लेंस लगा दिया जाता है.
मायोपिया से बचाव
नियमित रूप से आंखों की जांच करवाना जरूरी है.
हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर की वस्तु को देखने से भी इस समस्या से बचा जा सकता है.
अपनी डाइट में हेल्दी चीजों को शामिल करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.
रोजाना एक्सरसाइस करने शरीर की कई बीमारियां दूर हो सकती है.
धूम्रपान करने से बचें.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/symptoms-and-causes-of-myopia-6818374/




