News Info
Go back
16 March, 2024, 05:39 AM
जहरीली बीमारियों की काट है यह पौधा, पत्ते छूने पर लगता है बिच्छू जैसा डंक, जोड़ों पर रखने से चूस लेते हैं सारा दर्द
पहाड़ी क्षेत्रों में तमाम ऐसे पौधे होते हैं, जो सेहत के लिए किसी बड़ी औषधि से कम नहीं हैं. लेकिन, जानकारी न होने से हम उनका उचित लाभ नहीं ले पाते हैं. ऐसे ही एक चमत्कारी पौधे का नाम है बिच्छू बूटी (Nettle leaf). यह स्टिंगिंग बिछुआ के नाम से भी जाना जाता है. जैसा कि इसका नाम दो चीजों से मिलकर बना है पहला बिच्छू और दूसरा बूटी. यानी बेशक ये पौधा छूने पर आपको दर्द का एहसास कराए, लेकिन सेहत के लिए जड़ी-बूटी की तरह काम करता होगा.
जी हां, बिच्छू बूटी का पौधा तमाम जहरीली बीमारियों का काट भी माना जाता है. विटामिन सी से भरपूर इस पौधे को कई जगहों पर साग के रूप में बनाकर खाया जाता है. बता दें कि, बिच्छू वूटी में एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के साथ कई हीलिंग गुण होते हैं, जोकि टिशूज व सेल्स की हीलिंग में मदद कर सकते हैं. यह हड्डियों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. आइए आयुर्वेद महाविद्यालय एवं हॉस्पिटल लखनऊ के आयुर्वेदाचार्य डॉ. सर्वेश कुमार से जानते हैं बिच्छू बूटी से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में-
बिच्छू बूटी के 5 चमत्कारी स्वास्थ्य लाभ
एनीमिया से बचाए: डॉ. सर्वेश कुमार की मानें तो बिच्छू बूटी का पौधा एनीमिया से बचाव करने में काफी मददगार साबित हो सकता है. बता दें कि, यह हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है. इस पौधे से बना साग उन गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत अच्छा है, जो आयरन के घटते स्तर से जूझती हैं. इसका नियमित सेवन करने से बहुत सारी आयरन की गोलियां खाने से निजात मिल सकती है.
जोड़ों के दर्द में कारगर: बिच्छू बूटी का इस्तेमाल जोड़ों के दर्द से निजात पाने में भी किया जा सकता है. बता दें कि, एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर ये बूटी हड्डियों के दर्द को कम कर सूजन में कमी लाता है. इसके लिए आपको इन पत्तियों का एक दरदरा लेप बनाकर जोड़ों पर लगाना है. आप चाहें तो इन पत्तों को उल्टे तवे पर गर्म करके दर्द वाली जगह पर भी रखकर कपड़े से बांधें. ऐसा करने से आपको राहत मिल सकती है.
किडनी हेल्दी रखे: बिच्छू बूटी के सेवन से नेचुरल तरीके से किडनी से जुड़ी दिक्कतें, यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन और किडनी स्टोन्स का इलाज किया जा सकता है. बता दें कि, बिच्छू बूटी पॉवरफुल मूत्रवर्धक और अपचायक, रक्त शुद्धि को बढ़ाने, क्रिएटिनिन के स्तर को कम करने, पेशाब में सुधार और गुर्दे की सूजन को नियंत्रित कर सकता है. इसके सेवन से मूत्र के साथ शरीर में मौजूद अतिरिक्त नमक बाहर निकाल जाता है.
बोन हेल्थ में लाभकारी: ऑस्टियोपोरोसिस में बिच्छू बूटी का इस्तेमाल कई कारणों से फायदेमंद है. दरअसल, बिच्छू बूटी आपके शरीर में कैल्शियम के क्षरण को रोकता है और खोखली होती हड्डियों पर लगाम लगाता है. इसके अलावा इन पत्तियों में कैल्शियम भी होता है, जो कि हड्डियों को मजबूती देने के साथ ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी से बचाव करने की क्षमता रखती हैं.
ब्लड सर्कुलेशन ठीक करे: बिच्छू बूटी के पत्ते ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है. बता दें कि, बिच्छू बूटी विटामिन सी और आयरन से भरपूर होती है, जोकि ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में असरदार है. इसके अलावा, ये रेड ब्लड सेल्स और ऑक्सीजन को बढ़ावा देते हैं.
Source:
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-5-amazing-benefits-of-bicchu-buti-nettle-leaf-multiple-health-benefit-it-removes-joint-pain-and-bone-diseases-in-hindi-as-per-dr-sarvesh-kumar-8152109.html




