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High Blood Pressure और Low Blood Pressure में क्या अंतर है? जानिए लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

15 March, 2024, 05:54 AM

High Blood Pressure और Low Blood Pressure में क्या अंतर है? जानिए लक्षण, कारण और बचाव के तरीके

अनहेल्दी खानपान और खराब दिनचर्या के कारण कई लोग तमाम बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, जिनमें ब्लड प्रेशर की समस्या सबसे आम है.
ब्लड प्रेशर की बीमारी दो तरह की होती है, जिसमें हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर शामिल है.  इसके कारण दिल से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है. यह न केवल शरीर में खून के प्रवाह को असंतुलित करता है, बल्कि इससे सेहत पर कई गंभीर प्रभाव भी हो सकते हैं.

हार्ट बॉडी के सभी अंगों में खून को पंप करने का काम करता है. जब तक हृदय सभी अंगों में सामान्य रूप से खून का प्रवाह करता है, तब तक इसे सामान्य ब्लड प्रेशर माना जाता है. लेकिन जब सर्कुलेशन में कोई रुकावट आती है, तो इसे ब्लड प्रेशर की समस्या कहा जाता है. यह समस्या हर दूसरे व्यक्ति में देखने को मिलती है.

आइए जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर के लक्षणों में अंतर-
हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर, जिसे उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन भी कहा जाता है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त धमनियों की दीवारों पर लगातार उच्च दबाव होने से हृदय को रक्त पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हार्ट और ब्लड वेसल्स को नुकसान हो सकता है. इस समस्या के कारण हृदय शरीर में सही से खून को पंप नहीं करता है. यह एक गंभीर समस्या है, जिसे समय पर कंट्रोल न करने की वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

हाई ब्लड प्रेशर की रीडिंग

सिस्टोलिक – 130 से 139 mm Hg के बीच
डायास्टोलिक – 80 से 90 mm Hg के बीच
लो ब्लड प्रेशर
लो ब्लड प्रेशर, जिसे निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन भी कहा जाता है. यह एक ऐसी कंडिशन है, जिसमें रक्त धमनियों की दीवारों पर दबाव सामान्य से कम होता है. यह स्थिति खून की मात्रा में कमी, ब्लड वेसल्स चौड़ी हो जाना या हार्ट कमजोर हो जाने पर पैदा होती है. लो ब्लड प्रेशर की समस्या में ब्लड प्रेशर रेंज 90/60 से कम होता है. हाई ब्लड प्रेशर की तरह लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी धीरे-धीरे शरीर में विकसित होती है. इस समस्या के कारण हार्ट बॉडी के सभी अंगों में सामान्य से धीमी गति से खून को पंप करता है, जिससे व्यक्ति को शारीरिक तौर पर तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

लो ब्लड प्रेशर की रीडिंग
सिस्टोलिक – 90 mm Hg से कम
डायास्टोलिक – 60 mm Hg से कम
सामान्य ब्लड प्रेशर

सिस्टोलिक – 120 mmHg
डायास्टोलिक – 80 mm Hg
हाई ब्लड प्रेशर के कारण
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अनहेल्दी खानपान और खराब लाइफस्टाइल की वजह से होती है. यह समस्या सिगरेट, शराब और कैफीन का सेवन करने वाले लोगों में आम है. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ती उम्र की वजह से ज्यादा देखने को मिलती है. इसके अलावा मोटापा, डायबिटीज, थायराइड, किडनी की बीमारी, नमक का ज्यादा सेवन करने, तनाव में रहने से यह समस्या हो सकती है. साथ ही दर्द निवारक दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करने से भी इस समस्या का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है.

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पहले लक्षणों का पता लगा पाना थोड़ा मुश्किल होता है. लेकिन इस समस्या से पीड़ित लोगों के सिर के पिछले हिस्से में दर्द होता है. सिरदर्द होना हाई ब्लड प्रेशर का सबसे आम लक्षण है. इसके अलावा चक्कर आना या बेहोश हो जाने जैसी समस्या भी हो सकती है. हाई ब्लड प्रेशर का प्रभाव सबसे ज्यादा सर्दियों में देखा जा सकता है. इससे घबराहट, अत्यधिक पसीना आना, थकान, सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में तकलीफ जैसी कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती है. ब्लड प्रेशर की जांच के बाद ही इस स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

लो ब्लड प्रेशर के कारण
लो ब्लड प्रेशर यानी शरीर में ब्लड प्रेशर में गिरावट एक ऐसी समस्या है, जो लंबे समय तक बनी रहती है. इस समस्या के मुख्य कारण ब्लड सर्कुलेशन में संक्रमण, डायबिटीज, थायराइड, डिहाइड्रेशन, खून की कमी, विटामिन बी12 की कमी या किसी प्रकार की चोट लगना है. यह समस्या हर उम्र के लोगों में हो सकती है. इसका शरीर पर गंभीर रूप से प्रभाव पड़ता है.

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण
हाइपोटेंशन यानी लो ब्लड प्रेशर की समस्या के लक्षण दिखने पर समय से इसका इलाज करवाने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इस समस्या का सबसे ज्यादा प्रभाव व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. इसके कारण कमजोरी, चक्कर आना, मतली, बेहोशी, आंखे कमजोर होना, मन स्थिर न होना, ठंडी और चिपचिपी स्किन, त्वचा का पीला पड़ना, बार-बार बेहोश हो जाना जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती है.

हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर में अंतर
लो ब्लड प्रेशर की तुलना में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.
हाई ब्लड प्रेशर की तुलना में लो ब्लड प्रेशर के लक्षण जल्दी दिखाई देते हैं.
ब्लड प्रेशर लो होने पर चक्कर आना, थकान और धुंधली दृष्टि जैसी समस्या होती है, जबकि हाई ब्लड प्रेशर में सिरदर्द और सीने में दर्द की समस्या बढ़ सकती है.
प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर के कारण दौरे पड़ने का खतरा हो सकता है, जबकि लो ब्लड प्रेशर में यह समस्या नहीं होती है.
हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के टिप्स
इस समस्या से बचने के लिए रोजाना हेल्दी चीजों का सेवन करें.
पोटेशियम से भरपूर खाने का सेवन करें और सोडियम (नमक) की मात्रा सीमित रखें.
लो फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद होगा. साथ ही फल और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें.
रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर को कई बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद मिलती है.
मोटापे की समस्या के कारण हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए वजन को मेंटेन रखें.
शराब या स्मोकिंग करने से शरीर पर गंभीर रूप से प्रभाव पड़ता है, जिससे यह समस्या काफी हद तक बढ़ सकती है.
तनाव और चिंता जैसी मानसिक स्थिति के कारण हाई ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है.
ज्यादा दवाइयों का सेवन करना भी शरीर के लिए हानिकारक होता है.
लो ब्लड प्रेशर से बचाव के टिप्स
रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं. इससे शरीर दिनभर हाइड्रेटेड रहता है.
बैठते या लेटते समय पैरों को ऊंचा रखने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है.
हेल्दी जूस या सूप जैसे तरल पदार्थों का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होगा.
कार्बोहाइड्रेट का सेवन सीमित मात्रा में करें. साथ ही पेट भरकर खाने के बजाय दिन भर में छोटे-छोटे पोर्शन में कुछ न कुछ खाते रहें.
शराब का सेवन या स्मोकिंग से करने से परहेज करें.
तनाव मुक्त रहें. इसके लिए योग, ध्यान करना बेहतरीन विकल्प है. साथ ही गहरी सांस लें, जिससे मानसिक सेहत अच्छी बनीं रहेगी.












Source:

https://www.india.com/hindi-news/health/difference-between-high-blood-pressure-and-low-blood-pressure-6788251/
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