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14 March, 2024, 06:57 AM
बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है किडनी रोग, शरीर देने लगता है ये संकेत
क्रोनिक किडनी रोग बुजुर्गों से लेकर युवाओं में ज्यादा आम है, लेकिन यह बीमारी बच्चों में भी तेजी से फैलती जा रही है.
शरीर के भीतर की सफाई का काम किडनी (गुर्दा) करती है, जो शरीर की विषाक्तता और अनावश्यक कचरे को बाहर निकालकर स्वस्थ रहने में अहम भूमिका निभाती है. क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) एक ऐसी कंडिशन है, जो खून से गंदगी को छानने की किडनी की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है. यह बीमारी वयस्कों में ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन अब यह बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रही है.
किडनी शरीर में सबसे अहम भूमिका निभाती है. क्रोनिक किडनी रोग की वजह से शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं, जिसमें चेहरे में सूजन, भूख में कमी, मितली, उल्टी, हाइ ब्लड प्रेशर, पेशाब संबंधित शिकायतें, पेशाब में झाग आना, एनीमिया, कमजोरी, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, शरीर में दर्द, खुजली और पैरों में ऐंठन जैसी समस्याएं शामिल हैं.
बच्चों के शरीर में किडनी रोग के शुरुआती लक्षण-
किडनी रोग के शुरुआती चरण में बच्चों में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं. यह क्रोनिक किडनी रोग को पहचानना मुश्किल बनाता है, लेकिन बीमारी बढ़ने के साथ-साथ किडनी रोग के कई संकेत दिखाई देना शुरू हो जाते हैं.
थकान महसूस होना
कमजोरी और थकान महसूस होना सबसे आम लक्षण होता है. कई बार बच्चा थका हुआ महसूस करने से खेलने या अन्य गतिविधियों में रुचि खोने लगता है.
भूख न लगना
भूख कम लगना भी इस गंभीर बीमारी के होने का संकेत दे सकता है. इसके कारण बच्चे का वजन भी कम होने लगता है.
पेशाब में बदलाव
किडनी रोग के शुरुआती चरण में पेशाब की मात्रा में बदलाव देखने को मिलता है. इसमें बार-बार पेशाब आना और पेशाब में खून आने जैसी समस्या हो सकती है.
शारीरिक बदलाव
इस बीमारी की वजह से शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं. इसके कारण पैरों, टखनों, चेहरे या पेट में सूजन हो सकती है.
हाइ ब्लड प्रेशर की समस्या
यह एक गंभीर बीमारी है, जिसकी वजह से हाइ ब्लड प्रेशर की समस्या काफी हद तक बढ़ सकती है. साथ ही जी मिचलाना और उल्टी जैसी दिक्कतें होती हैं.
हड्डियों में कमजोरी
इस समस्या के चलते बच्चों की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे शरीर में गिरावट आने की संभावना रहती है. साथ ही थकान और कमजोरी महसूस होती है.
बच्चों में किडनी की बीमारी के कारण-
ज्यादा दवाइयों का सेवन
बच्चों को प्रदूषण से जुड़े रोगों के इलाज के लिए ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाइयां देना सेहत के लिए हानिकारक साबित होता है. इसके अलावा सुपारी समेत कई चीजों का सेवन बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
अनहेल्दी खाना
ज्यादातर बच्चों को बाहर की अनहेल्दी चीजें खाना पसंद होता है. इसके अलावा अधिक मात्रा में नमक, चाय, कॉफी का सेवन भी सेहत के लिए हानिकारक होता है. इसका गंभीर प्रभाव उनकी किडनी पर हो सकता है. इसलिए बच्चों को प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर चीजें खिलाना फायदेमंद होगा.
बच्चों में किडनी की बीमारी का इलाज-
किडनी ट्रांसप्लांट
कुछ मामलों में अगर बच्चों में किडनी की बीमारी ठीक से काम नहीं करती है, तो किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है. क्रोनिक किडनी बीमारी की स्थिति को प्रबंधित करने और जटिलताओं को रोकने के लिए शुरुआती पहचान करना मायने रखता है. अगर बच्चे में इस रोग से जुड़ा कोई भी लक्षण दिखाई देता है, तो माता-पिता को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/world-kidney-day-2024-kidney-disease-in-child-causes-and-symptoms-6784863/




