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Statin Effect On Body: स्टैटिन दवाओं के सेवन से पहले जान लें यह जरूरी बात, नहीं तो बीमार हो सकता है दिल!

11 January, 2021, 04:15 AM

Statin Effect On Body: स्टैटिन दवाओं के सेवन से पहले जान लें यह जरूरी बात, नहीं तो बीमार हो सकता है दिल!

यदि आप कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए स्टैटिन दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो ये बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए...

कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आप जिन स्टैटिन दवाओं का उपयोग करते हैं, ये दवाएं आपके शरीर में उस पदार्थ की उपस्थिति को नियंत्रित करती हैं, जिसका उपयोग करके आपका शरीर कोलेस्ट्रॉल का निर्माण करता है। लेकिन कोलेस्ट्रॉल को कम करने के फायदे के साथ ही स्टैनिन दवाएं आपके शरीर पर और भी कई असर डालती हैं। यदि आप भी अपने बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो आपको खुछ खास बातें जरूर पता होनी चाहिए...

स्टैनिन के लगातार उपयोग से आपके हार्ट की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इस कारण हार्ट डिजीज और हार्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। हालांकि ये दवाएं काफी हद तक ब्लड क्लॉट्स को बनने से रकोती हैं और इन थक्कों के जमाव का रिस्क भी कम करती हैं। लेकिन लगातार इन दवाओं का सेवन बिना किसी डॉक्टर की सलाह के करना आपकी जान के लिए जोखिम खड़ा कर सकता है।

-आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करनेवाली दवाओं के साथ डॉक्टर्स अक्सर हार्ट को हेल्दी रखने की दवाएं भी प्रिस्क्राइव करते हैं। इसलिए पहली बात तो आपको यह समझ लेनी चाहिए कि इन दवाओं की सिर्फ उतनी ही मात्रा का सेवन आपको करना है, जितनी मात्रा आपके डॉक्टर ने आपको सजेस्ट की हो। आपकी आंतें दो तरीके से सोखती हैं कैल्शियम, ऐसे समझें पूरी प्रक्रिया

आपको स्टैटिन दवाओं का सेवन करना चाहिए या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल कितना है और आपके हार्ट की सेहत कैसी है। साथ ही आपकी ब्लड वेसल्स की स्थिति कैसी है। इसलिए आपको स्टैटिन दवाएं लिखने से पहले आपके डॉक्टर आपकी सेहत के कई दूसरे पहलुओं की जांच करते हैं और तभी इन दवाओं को लेने का सुझाव देते हैं।

ऐसे समझें कोलेस्ट्रॉल की स्थिति
-आमतौर पर लोगों को अपना टोटोल कोलेस्ट्रॉल लेवल 200 मिलीग्राम प्रतिडेसिलीटर (mg/dL)से नीचे रखना चाहिए। या फिर आप इसे 5.2 मिलीमोल्स प्रतिलीटर (mmol/L) में भी नाप सकते हैं।

-अगर बात एलडीएल यानी कि बैड कॉलेस्ट्रॉल की करें तो इसका स्तर 100 मिलीग्राम प्रतिडेसिलीटर से कम होना चाहिए। आप इसे 2.6 मिलीमोल्स प्रतिलीटर में नाप सकते हैं। लेकिन अगर आपके परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री है तो आपके बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर 70 मिलीग्राम प्रतिडेसिलीटर (1.8 mmol/L) से ऊपर नहीं होना चाहिए। Vitamin D की कमी से कमजोर हो रही हड्डियां, इन चीजों को पीने से होगा फायदा

-आपको स्टैटिन लेने की सलाह देते समय आपके डॉक्टर कई बातों को ध्यान में रखते हैं। खासतौर पर जब वह आपको लंबे समय तक स्टैटिन लेने की सलाह दे रहे हों। क्योंकि यदि आपका हार्ट डिजीज का जोखिम बहुत कम है तो आपको संभवतः स्टैटिन की आवश्यकता नहीं होगी, जब तक कि आपका एलडीएल 190 मिलीग्राम प्रति डीएल (4.92 मिलीमोल प्रतिलीटर) से ऊपर न हो।

स्टैटिन्स के साइड इफेक्ट्स
-आमतौर पर स्टैटिन दवाएं ज्यादातर लोगों का शरीर स्वीकार कर लेता है। जिन लोगों में इसके हल्के-फुल्के साइड इफेक्ट्स होते हैं, उनका शरीर इन बदलावों को शुरुआती स्तर पर दिखाता है लेकिन फिर स्वीकार कर लेता है। यह स्थिति बहुत गंभीर नहीं है। लेकिन आपको अपने डॉक्टर से कोई भी बात छिपानी नहीं चाहिए।
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-इन दवाओं को शुरू करने के बाद यदि आपके शरीर में किसी भी तरह का बदलाव होता है जैसे आपको मितली आना, सिर में दर्द रहना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना इत्यादि तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

-ऐसा संभव है कि स्टैटिन शुरू करने के बाद आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहने लगे, यह आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज की वजह भी बन सकता है। दूध के अलावा शरीर में कैल्शियम की कमी दूर करते हैं ये 10 फूड्स












Source:

https://navbharattimes.indiatimes.com/lifestyle/health/no-fat-and-low-blood-sugar-are-the-benefits-to-eat-rajma-or-kidney-beans/articleshow/79558296.cms
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